भोपाल

सेठ स्व. गेंदालाल राय की पुण्य तिथि पर हुआ विराट काव्य समागम, समाजहित में सेवाऐं देना पिताजी के पदचिन्हों का अनुसरण-राकेश राय।

भोपाल


सीहोर। स्थानीय क्रिसेंट रिसोर्ट के सभागार में नगर सेठ स्वर्गीय गेंदालाल राय की पुण्यतिथि पर जन सहयोग सेवा समिति,अखिल भारतीय साहित्य परिषद और राष्ट्रीय कवि संगम के बेनर तले काव्य गोष्ठी संपन्न हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रेस क्लब के अध्यक्ष और पूर्व नपा अध्यक्ष राकेश राय ने की। मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी  अखिलेश राय उपस्थित रहे। विशेष अतिथि तुलसीराम काका, निलेश राय, हरिओम शर्मा दाऊ, बाबू देवाल घायल आष्टा, कुमेर सिंह जायसवाल जिला अध्यक्ष अखिल भारत वर्षीय हैहय कलचुरी महासभा सीहोर, डॉ. एस.आर. गट्टानी, डॉ. भारत आर्य, राजेश सत्यम तलेन, राकेश सक्सेना पचोर, लक्ष्मीचंद चौधरी कुरावर, रमेश राठौर सीहोर उपस्थित रहे ।
 कार्यक्रम का शुभारंभ सेठ स्व. गेंदालाल राय के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। 
इस मौके पर राकेश राय ने उनके पिता को याद करते हुए कहा कि आज जो हमारे परिवार द्वारा समाज हित में जो भी सेवाऐं दी जा रही हैं यह पिताजी के पदचिन्हों का अनुसरण है। अतिथियों का स्वागत पुष्पमाला पहनाकर जन सहयोग सेवा समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह चौकसे ने किया। कार्यक्रम का संचालन अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिला अध्यक्ष डॉ. विजेंद्र जायसवाल ने किया। आयोजन में लगभग 74 साहित्यकारों ने अपने काव्य पाठ से बाबूजी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
 इस अवसर पर जाने-माने साहित्यकार धर्मराज देशराज की पुस्तक गजल में हम तुम का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया। 
 काव्य पाठ करने वाले कवियों में ईशानी मालवी, अंशिका मालवी, हेमंत गौर ,सुरेश सोनपुरे भोपाल, डॉ. अशोक व्यास भोपाल, आदित्य हरी गुप्ता सीहोर, कैलाश चौहान सीहोर, आबिद राहतगढ़ राहतगढ़, संतोष सनातनी ,पंकज शिवहरे ,
दीक्षा सिंह , पंडित अजय शर्मा , गोविंद लोवानिया, हीरालाल जायसवाल अनाड़ी, नवीन हरियाले, गौरव बरखाने, त्रिलोचन प्रसाद दुबे, हरिओम हिन्दुस्तानी शुजालपुर, राधेश्याम पांचाल देवास, डॉ.मंगलेश जायसवाल कालापीपल, विष्णु प्रसाद फुर्सती शुजालपुर, रमेश चन्द्र परमार, रमेश कुमार सक्सेना, राजकुमार अहिरवार विदिशा, सत्यनारायण हरियाले भोपाल, श्रीमती रश्मी मिश्रा भोपाल, श्रीमती पूजा चतुर्वेदी, श्रीमती पायल पटेल भोपाल, कमलेश नूर भोपाल, विनोद पंसारी, द्वारका बासुरिया, रामबाबू सक्सेना, जितेन्द्र नरोलिया, नन्नुलाल सगर आदि के नाम शामिल हैं।
अंत में सभी का आभार लक्ष्मण चौकसे ने माना।