राजगढ़

ब्यावरा की जीवनदायिनी अजनार का शुद्धिकरण अभियान, गंदे नाले से फिर बनेगी निर्मल धारा।

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*ब्यावरा।* ब्यावरा शहर की जीवनदायिनी अजनार नदी जो कभी कल-कल निर्मल स्वरूप में बहा करती थी, आज अतिक्रमण और नालों के मिलने से बदहाल हो चुकी है। आंदलहेड़ा की पहाड़ी से निकलकर लगभग 50 किलोमीटर का सफर तय करने वाली अजनार शहर की मुख्य धुरी थी, लेकिन बढ़ती आबादी के साथ 14 नालों के मिलने से यह एक बड़े नाले में बदल गई।

*2014 में हुई थी शुरुआत:*
प्रकृति-प्रेमी डॉ. मुकेश मारू, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री इकरार अहमद ब्यावरा और तत्कालीन एसडीएम श्री आर.पी. अहिरवार की दृढ़ इच्छाशक्ति से 2014 में अजनार शुद्धिकरण जन अभियान शुरू किया गया। पहले चरण में मिट्टी में दबे घाटों को निकालकर लगभग 300 डम्पर मिट्टी निकाली गई। जहाँ कभी शराब की पन्नियाँ और मांस बाजार था, वहाँ गंगा मंदिर प्रकल्प की शुरुआत जनसहयोग से की गई।

बाद में सीएमओ इकरार अहमद, एसडीएम श्रीमती अंजली शाह, गंगा सेवा समिति और पर्यावरण कार्यकर्ता रामभिल के अजनार बचाओ मंच के सहयोग से रामेश्वर घाट और गंगा मंदिर घाट पर जिले का पहला दीप स्तंभ स्थापित कर घाटों का कायाकल्प किया गया।

*अब क्या हो रहा है:*
आज प्रशासन और जन सहयोग से ब्यावरा की सबसे गंदी जगह दशहरा मैदान में तब्दील हो चुकी है, गंगा मंदिर आस्था का केंद्र बन चुका है। रामेश्वर घाट पर सांस्कृतिक गतिविधियाँ होती हैं, गंगा घाट पर प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर भव्य गंगा आरती और रामेश्वर घाट पर अजनार महोत्सव आयोजित कर लोगों को नदी से जोड़ा जा रहा है।

वर्तमान में माननीय राज्यमंत्री श्री नारायण सिंह पंवार (स्वतंत्र प्रभार, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग) के अथक प्रयास से स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अंतर्गत अजनार में मिलने वाले 14 नालों के सीवर निस्तारण के लिए 14.77 लाख की विस्तृत कार्य योजना तैयार कर नगर पालिका परिषद ब्यावरा द्वारा नगरीय प्रशासन विभाग को भेजी गई है, जिसे राज्य स्तरीय तकनीकी समिति ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। राशि आवंटन के बाद नदी के कायाकल्प का अगला चरण शुरू होगा।

 

 

 

 

*रिपोर्ट: Amin Khan | अजनार की पुकार | JK NEWS24.com | ब्यावरा राजगढ़*
*संपर्क: 9752 912286*