मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री जोशी की मौजूदगी में भव्य समारोह आयोजित,
देश में सबसे सस्ती दर पर बिजली नीमच से होगी उपलब्ध,
नीमच में 1553.98 करोड़ की 38 इकाइयों का लोकार्पण और भूमि-पूजन,
हरित विकास, निवेश और रोजगार पर आगे बढ़ रही राज्य सरकार,

भोपाल। स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए मध्यप्रदेश ने 29 जून को हरित विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ नीमच में 500 मेगावॉट क्षमता वाले नीमच सोलर पार्क और 450 मेगावॉट क्षमता वाले शाजापुर सोलर पार्क का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास तथा नीमच जिले की प्रभारी मंत्री निर्मला भूरिया और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का हरित विकास हमारा लक्ष्य है। हरित विकास के जरिए प्रदेश में अधिकाधिक मात्रा में निवेश लाने और इसके जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए हम तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अब स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा से इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन उत्तर-पश्चिमी मध्यप्रदेश के नए औद्योगिक ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित हो रहे हैं। नीमच न केवल मध्यप्रदेश का, बल्कि ग्रीन पावर सेक्टर का ग्लोबल कैपिटल बन रहा है। उन्होंने बताया कि यहां देश का सबसे बड़ा पंप स्टोरेज बन रहा है। नीमच जिले में कुल 675 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाएं कार्यशील हैं, और लगभग 1 हजार 952 से अधिक मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेजी से जारी हैं।
नीमच के नए सोलर पार्क से मिलेगी 2.14 पैसे प्रति यूनिट बिजली,

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नीमच में नए सोलर पार्क का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इससे देश में सबसे सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध होगी। नीमच की धरती ने प्रदेश को दो मुख्यमंत्री दिए। नीमच ने अफीम उत्पादन और नेत्रदान अभियान में शीर्ष स्थान हासिल कर अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने प्रदेशवासियों को संत कबीर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में सूर्य देवता ऊर्जा के स्त्रोत हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जल गंगा संरक्षण अभियान के अंतर्गत 19 मार्च से 30 जून तक कुंए, बावड़ी, नदी, तालाब और अन्य सभी जल स्त्रोतों के संरक्षण के उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। राज्य सरकार ने 3 महीने में 10 हजार करोड़ की राशि खर्च कर प्रदेशभर में 2 लाख से अधिक जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया है। जल गंगा संरक्षण अभियान में नीमच ने देश में 10वां और प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। उन्होंने 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों के लिए नीमच के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी की मौजूदगी में आज 2 बड़ी सौर परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ है। कुल 2080 करोड़ की लागत से नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 करोड़ मेगावॉट के सोलर पार्क की सौगात मिली है। साथ ही नीमच में 1553.98 करोड़ की 38 औद्योगिक इकाइयों और अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी हुआ है। नीमच के नए सोलर पार्क से 2.14 पैसे प्रति यूनिट बिजली मिलेगी, जो देश में सबसे सस्ती दर है। प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से रोजगार देने वाला राज्य है। प्रदेश में फूड पार्क, पीएम मित्र पार्क तैयार किए जा रहे हैं। नीमच में 1200 करोड़ से अधिक लागत का सोलर ग्लास तैयार करने वाले प्लांट का भूमि-पूजन हुआ है। नीमच को बहुत जल्द जावरा-उज्जैन होकर भोपाल राजमार्ग की सौगात मिलने वाली है। मंदसौर से भोपाल तक नया हाईवे भी बनाया जाएगा। नीमच में गांधी सागर अभ्यारण्य चीतों का नया घर बन चुका है। बहुत जल्द यहां दो और चीते मुक्त प्राकृतिक आवास में छोड़े जाएंगे।
*गेहूं खरीदी में पंजाब से आगे एमपी*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के किसानों से गेहूं का एक-एक दाना खरीदा गया है। किसानों को गेहूं के लिए 2625 रुपए प्रति क्विंटल कीमत का भुगतान किया है। राज्य सरकार ने इस वर्ष 104 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीदा है। गेहूं के उत्पादन और खरीदी में मध्यप्रदेश ने पंजाब जैसे राज्य को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध करा रही है। किसान कल्याण वर्ष में सरकार किसानों के साथ खड़ी है। प्रदेश के किसानों को शून्य ब्याज दर पर आवश्यक लोन मिल रहा है और इसे चुकाने के लिए भी 31 मार्च की बाध्यता खत्म कर दी गई है। किसान जिस तारीख से लोन लेंगे, उसके अगले 12 माह की अवधि में किसी भी तारीख पर लोन चुकाने की सुविधा मिलेगी। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का बराबर सम्मान है।
*जन-कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की राशि दी जा रही है। राज्य सरकार ने गरीब-जरूरतमंदों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए पीएमश्री एयर एंबुलेंस की शुरुआत की है। राहवीर योजना में भी सड़क हादसों के घायलों की मदद करने वालों को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। प्रदेश में श्रीराम गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। राज्य में भव्य सांदीपनि विद्यालय और प्रत्येक नगरीय निकायों में गीता भवन तैयार किए जा रहे हैं। प्रत्येक ब्लॉक के एक गांव को वृंदावन गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार दूध उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। डॉ. भीमराम अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत 40 लाख लागत की गोशाला शुरू करने पर राज्य सरकार 10 लाख रुपए का अनुदान दे रही है।
*बेहतर परिणाम के लिए मिला सम्मान*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच में भादवा माता मंदिर परिसर में विकास कार्यों के लिए 17 करोड़ रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान में अव्वल रहे नीमच जिले की पंचायतों को जल संचयन कार्यों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए सम्मानित भी किया। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय मंत्री जोशी ने 1,553.98 करोड़ रुपये की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों एवं विकास कार्यों का भी भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं से प्रदेश में औद्योगिक निवेश को नई गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 550 मेगावॉट क्षमता वाला आगर सोलर पार्क भी निर्माणाधीन है, जिसकी इकाइयों के लिए 2.44 और 2.45 रुपये प्रति यूनिट की दरें प्राप्त हुई हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद मध्यप्रदेश देश के अग्रणी सौर ऊर्जा उत्पादक राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा तथा स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीमच जिले में करीब 160 करोड़ रुपये की लागत से 98 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया।
*निवेश के लिए विशेष मध्यप्रदेश*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में 33 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले। करीब 10 लाख करोड़ के प्रस्ताव जमीन पर उतरे। पिछले ढाई वर्षों में वैश्विक कंपनियों का 9 हजार 200 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मध्यप्रदेश की धरती पर उतर रहा है, जिससे 4,200 से अधिक नौकरियां सृजित हो रही हैं। मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य, जहां लेबर केस मैनेजमेंट सिस्टम लागू है। उद्योगों के लिए पर्याप्त जमीन, पानी और बिजली उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि, औषधीय संपदा और उद्यमशीलता के लिए प्रसिद्ध नीमच अब विनिर्माण, ग्रीन एनर्जी, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों का भी केंद्र बनने जा रहा है। आज 1 हज़ार 481 करोड़ रुपये की लागत से 30 औद्योगिक इकाइयों की सौगात नीमच क्षेत्र को मिल रही है।
*नवकरणीय ऊर्जा में आगे बढ़ता एमपी*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की विद्युत क्षमता में 30 प्रतिशत हिस्सा क्लीन एनर्जी का है। राज्य ने 12 हज़ार 18 मेगावाट से अधिक नवकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित कर ली है। जलूद में 271 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से 60 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया गया। मक्सी में जैक्सन इंटीग्रेटेड सोलर लिमिटेड द्वारा 6 गीगावाट क्षमता की अत्याधुनिक सोलर विनिर्माण इकाई स्थापित की जा रही है, जो भारत की सबसे बड़ी ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में से एक होगी। रीवा का अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क और ओंकारेश्वर का फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट देश में उदाहरण स्थापित कर रहे हैं।
*अभ्युदय मध्यप्रदेश के घोष वाक्य के साथ प्रदेश में हो रहा विकास का सूर्योदय*
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि यह मां वाग्देवी (सरस्वती) की भूमि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्य प्रदेश में राजाभोज की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। राज्य सरकार ने अभ्युदय मध्यप्रदेश के घोष वाक्य के साथ विकास का सूरज उदय करने का संकल्प लिया है। आज प्रदेश के नीमच और शाजापुर को नए सोलर प्रोजेक्ट की सौगात मिली है। दुनिया में सोलर एनर्जी का सबसे कम टैरिफ 2.14 पैसे प्रति यूनिट मध्यप्रदेश में उपलब्ध है। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। विश्व में स्विट्जरलैंड के बाद भारत दूसरा देश है, जहां रेलवे का शत प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन हुआ है। मध्यप्रदेश भारतीय रेलवे को बिजली उपलब्ध करा रहा है। मुरैना में 440 मेगावॉट सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना हरित ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय नवाचार है। इससे सूर्यास्त के बाद भी 2.70 पैसे प्रति यूनिट बिजली मिल पा रही है। दूसरी ओर, नीमच में गांधी सागर पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट भारत का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। जो ताप विद्युत के मुकाबले आधी लागत में बिजली उत्पादन करेगा।
*किसानों के लिए समृद्धि के द्वार*
केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि डबल इंजन सरकार में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और पीएम कुसुम जैसी योजनाएं किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि के द्वार खोल रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी जनकल्याण के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, पीएम जन-मन जैसी योजनाओं में समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में 5960 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसका लाभ मध्यप्रदेश को भी मिलेगा। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाय) के अंतर्गत विकास कार्यों को गति देने में अव्वल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के गांव-गांव को रोड नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में हवाई नेटवर्क का जाल तेजी से बिछाया जा रहा है। उज्जैन में नए एयरपोर्ट बनाने की योजना और पीएमश्री पर्यटन हेलीसेवा की शुरुआत एक अभूतपूर्व पहल है।
*पीएम मोदी का एमपी पर विशेष ध्यान*
केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में 18 नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत हो रही है। मध्यप्रदेश भारत में ग्रीन एनर्जी का पावरहाउस बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का मध्यप्रदेश पर विशेष आशीर्वाद है। बहुत जल्द प्रदेश को पीएम कुसुम 2 योजना के अंतर्गत बड़ा लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी को और बढ़ाने की आवश्यकता है। आज देश के कुल बिजली उत्पादन में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। मध्यप्रदेश, पवन ऊर्जा से बिजली उत्पादन को 2 वर्ष में 10 गीगावॉट बढ़ाने का लक्ष्य रखे। इससे बिजली उत्पादन की लागत और घट जाएगी। भारत ग्रीन हाइड्रोजन, चिप मेकिंग में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। देश में वर्ष 2014 में सोलर एनर्जी प्रोडक्शन मात्र 2.6 गीगावॉट था, जो अब बढ़कर 157 गीगावॉट तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने SUN की शक्ति को पहचाना, जबकि विपक्षी दल सिर्फ अपने एक SON को आगे बढ़ाने में लगा है। मध्यप्रदेश ग्रीन एनर्जी सेक्टर और विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।