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ब्यावरा, में मुहर्रम का पर्व श्रद्धा, अकीदत और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। मुहर्रम माह की 10वीं तारीख़ (यौमे आशूरा) पर इमाम हुसैन (रज़ियल्लाहु तआला अन्हु) और कर्बला के शहीदों की याद में नगर के विभिन्न इमामबाड़ों से ताज़ियों के जुलूस निकाले गए।

जुलूस के दौरान विभिन्न अखाड़ों ने पारंपरिक युद्धक कलाओं एवं हैरतअंगेज़ करतबों का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक मार्गों पर मौजूद रही। या हुसैन की सदाओं और मातमी माहौल के बीच ताज़िए निर्धारित मार्गों से गुज़रते हुए अपने गंतव्य तक पहुँचे।
पूरे आयोजन के दौरान भाईचारे, अनुशासन और सौहार्द का वातावरण बना रहा।
अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन ब्यावरा के सदर इक़बाल हुसैन ने बताया कि इमाम हुसैन रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने सत्य और इंसाफ़ के मार्ग पर चलते हुए अपनी जान की कुर्बानी देना स्वीकार किया, लेकिन असत्य और अन्याय के सामने समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि कर्बला का पैग़ाम हर दौर में इंसानियत, सत्य, न्याय और उसूलों पर डटे रहने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच मुहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। पुलिस प्रशासन, नगरपालिका परिषद तथा विद्युत विभाग द्वारा किए गए कार्य सराहनीय रहे। अंजुमन की ओर से सभी संबंधित विभागों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

इस अवसर पर मोहम्मद अली, कल्लू भाई मंसूरी, इफ्तेखारउद्दीन भैया भाई, सैयद वकार अली, राजा भाई ठेकेदार, हाजी रईस खान,युनुस अहमद, आमीन अंसारी, अनवर हुसैन भय्यू, अन्नू गौरी, मुनव्वर बाबा, साकिब हुसैन शानू, आफ़ताब हुसैन, राजू भाई, हलीम खान,अमजदउल्ला खान,रियाज अहमद,फारूख खान,नवाब खान,जावेद खान, रिजवान अंसारी, कालू पठान,वारिस खान शाहरुख खान, गुड्डू भाई ठेकेदार,सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं अकीदतमंद उपस्थित रहे।